अवध में राम आए हैं


दीपों से भरी अयोध्या ,मनमोहक लगती है।
वहां सियाराम आए हैं ,मेरे श्रीराम आए हैं।।

पाँच लाख इक्यावन हजार , दिए जल गए।
आभामय हुई अयोध्या, अवध के मानव तर गए।।

ऐसा अद्भुत ,अकल्पनीय , ऐतिहासिक क्षण आया है ।
मेरे भारत देश का, हिंदुत्व उभर कर आया है।।

पांच सौ वर्ष की कड़ी प्रतीक्षा में, ये क्षण आया है।
अवध में राजाराम आए हैं, मेरे सरकार आए हैं।।

ऐसा लग रहा है, जैसे त्रेता युग आ गया है।
अवध के वासी झूमे नाचे ,रामराज आया है।।

अनुभूति दीपोत्सव की, निशब्द कर देती है।
शुभ दीपावली सभी को, मेरे श्रीराम आए हैं।।

 

— गीता सिंह

खुर्जा ,उत्तर प्रदेश

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