नारी तू आगे बढ़


 तू आगे बढ़,तू आगे बढ़ 

तू डर मत,  तू छिप मत
गर्व से कह,तू नारी है।
देश की आधी आबादी है।
 तू आगे बढ़ ,तू आगे बढ़।।

तोड़ दे बेड़ियां ,मिटा दे फासले
मुश्किलें तो आएंगी ,फिर भी
 हिम्मत कर ,साहस कर
 तू आगे बढ़ ,तू आगे बढ़।।

 बड़े-बड़े तूफान आएं,
 राह में कंकड़ पत्थर आएं,
हौसले बुलंद कर ,तू रुक मत
 तू आगे बढ़, तू आगे बढ़।।

 तू छू ले आसमान,
 भर ले ,अपनी उड़ान,
 समेट ले जहान को
 अपने आगोश में ,फिर
 तू आगे बढ़ ,तू आगे बढ़।।

तू निरंजना निरंतरा ,और
 धीर गंभीर वसुंधरा,
कोई भी रोके तुझे ,न बस कर
 तू आगे बढ ,तू आगे बढ़।।

 --गीता सिंह 
खुर्जा उत्तर प्रदेश

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